रीडर टाइम्स न्यूज़ डेस्क
सियाराम बाबा पिछले 10 दिनों से अस्वस्थ थे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम बाबा के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाई हुई थी …

मध्य प्रदेश के खरगोन में देशभर में प्रसिद्ध संत 110 वर्षीय सियाराम बाबा ने बुधवार सुबह करीब 5:00 देह त्याग दी। बाबा के शरीर त्यागने की सूचना मिलने पर निर्माण सहित देश भर के श्रद्धालुओं में शोक और निराशा छा गई हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के आश्रम अंतिम दर्शन करने पहुंचे सोशल मीडिया पर सियाराम बाबा के लाखो फॉलोअर्स से बाबा के दर्शन करने के लिए दिल्ली मुंबई सहित देश भर के श्रद्धालु आश्रम पहुंचते हैं।
बाबा पिछले 10 दिनों से अस्वस्थ थे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम बाबा की स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाई हुई थी इंदौर और खरगोन के डॉक्टरों की टीम आश्रम में ही बाबा के उपचार में लगी हुई थी। बाबा को निमोनिया होने से उनका इलाज किया जा रहा था मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी ने बाबा के निधन की पुष्टि की है।
शाम को नर्मदा किनारे होगी अंत्येष्टि –
सियाराम बाबा की अंत्येष्टि बुधवार शाम को आश्रम के समीप नर्मदा नदी के किनारे की जाएगी उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में भक्तों के आश्रम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
12 वर्षों तक मौन धारण किया –
संत सियाराम बाबा ने नर्मदा नदी किनारे अपने आश्रम बनाया उनकी उम्र 100 साल से ज्यादा थी। बाबा ने 12 वर्षों तक मौन भी धारण कर रखा था जो भक्त आश्रम में उनसे मिलने आता और उनका ज्यादा दान देना चाहते थे। वह इनकार कर देते थे वह सिर्फ ₹10 का नोट ही लेते थे। उसे धनराशि का प्रयोग विवेक आश्रम से जुड़े कामों में लगा देते थे। बाबा ने नर्मदा नदी के किनारे एक पेड़ के नीचे तपस्या की थी और 12 वर्ष तक मौन रहकर अपने साधना पुरी की थी मौन व्रत तोड़ने के बाद उन्होंने पहला शब्द सियाराम बाबा कहा तो भक्त उन्हें इस नाम उसी नाम से पुकारने लगे हर वहां हजारों भक्त उनके आश्रम आते हैं।