रीडर टाइम्स न्यूज़ डेस्क
जयपुर अजमेर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह एक भीषण हादसा हो गया। एक गैस टैंकर और ट्रक में टक्कर के बाद स्लीपर बस समेत कई वाहनों में आग लग गई। हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई …

जयपुर के भीषण हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है कि एलपीजी का ट्रक यूटर्न ले रहा है। इस दौरान पीछे से ट्रक आता है जो एलपीजी ट्रक को टक्कर मार देता है टक्कर के कारण एलपीजी के ट्रक का जल टूट जाता है और गैस का रिसाव होने लगता है गैस रिसने के कुछ सेकेंड बाद ही ब्लास्ट हो जाता है और हर तरफ आग ही नजर आती है।
दरअसल , राजस्थान के जयपुर में आज 20 दिसंबर सुबह-सुबह 6:00 बजे एक भीषण हादसा हो गया। यहां एक ट्रक दूसरे एलपीजी ट्रैक में जाकर टकरा गया। इस टक्कर के बाद एलपीजी ट्रक में आग लग गई और जोरदार ब्लास्ट हुआ ब्लास्ट के बाद आस – पास खड़ी करीब 40 गाड़ियां भी आपकी चपेट में आगे आज इतनी भयावा थी। की झुलसने के कारण मौके पर पांच लोगों की जलकर मौत हो गई। तो 42 अन्य बुरी तरह झुलस के घायलों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब हादसे के वक्त का एक वीडियो सामने आया जिसमें आसमान तक आग उठती दिख रही है। गैस टैंकर में धमाके के बाद 300 मीटर के दायरे में मौजूद सभी गाड़ियों में आग लग गई।

घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा बहुत ही दर्दनाक घटना है। मैं अस्पताल जाकर आया हूं मैं वहां उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिया है। हम घटना के विस्तृत जांच करवाएंगे घायलों के इलाज की व्यवस्था कर आएंगे उन्होंने कहा ऐसे हादसों को किस तरह से रोका जाए। इस पर भी सरकार निश्चित रूप से विचार करेंगे प्रशासन पूरी तरह से लगा बचाव कार्य में हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह मैडम जिला अधिकारी जितेंद्र सोनी तथा अन्य अधिकारी मौजूद।
गलत कट की वजह से –
हादसे के चश्मदीद सिंह राठौड़ ने बताया कि जहां हादसा हुआ वहां सड़क पर गलत कर दिया गया है। इसी कट की वजह से हादसा हुआ। यहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। कुछ दिन पहले भी एक दुर्घटना ऐसी जगह पर हुई थी। उसमें भी गैस टैंकर था अगर उसे घटना से सीख ले ली गई। होती तो फिर आज का हादसा ना होता अग्निकांड में एक बस पूरी तरह से जल गई है।
हादसा और भी भयावह बार रूप ले सकता था क्योंकि जिस जगह पर यह दुर्घटना हुई उसके पास ही एक स्कूल भी था। दुर्घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से आस – पास का रास्ता डायवर्ट कर दिया गया था। राजस्थान के मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर ने हाथ से पर बात करते हुए बताया कि अस्पताल में और बेड लगाए जा रहे थे कि सभी घायलों को इलाज मिल सके। 35 घायलों में से 50 फ़ीसदी कम से कम 50% तक जल चुके हैं।