रीडर टाइम्स न्यूज़ डेस्क
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला का निधन हो गया। वे 89 साल के थे शुक्रवार को वह गुरुग्राम में अपने घर पर थे उन्हें दिल का दौरा पड़ा इसके बाद 11:30 उन्हें गुरुग्राम से मेदांता अस्पताल ले जाया गया …

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल आईएनएलडी के नेता ओम प्रकाश चौटाला का शुक्रवार को गुरुग्राम स्थित उनके आवास पर 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हरियाणा की सियासत की एक अहम किरदार रहे चौटाला। रिकॉर्ड चार बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे और उनका अंतिम संस्कार कार्यालय 1999 से 2005 तक रहा ताऊ के नाम से मशहूर चौधरी देवलाल चौटाला के परिवार का सियासी रसूल इतिहास में दर्ज है।
ओम प्रकाश चौटाला भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे थे। हरियाणा की राजनीतिक में वह एक कद्दावर चेहरा थे उनके दो बेटे और तीन बेटियां उनके बेटे अभय सिंह चौटाला और अजय सिंह चौटाला भी राजनीति में सक्रिय ओम प्रकाश चौटाला के पोते दुष्यंत चौटाला हरियाणा की पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे।
जब परिवार में पड़ी फूट –
ओम प्रकाश चौटाला के परिवार कभी सियासत में दबदबा रहा हालांकि बाद में पारिवारिक कलेश के चलते उनकी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल में टूट गई और 2013 में इसकी शुरुआत हुई बात तब की है जब देवीलाल चौटाला के बेटे ओम प्रकाश चौटाला और पोते अजय चौटाला जेबीटी घोटाले में 10 साल के लिए जेल गए। इसके बाद इंडियन नेशनल लोकदल ( इनेलो ) की कमान अभय चौटाला के हाथ में आ गई। 2014 के चुनाव में अजय चौटाला के बड़े बेटे दुष्यंत चौटाला राजनीतिक में आए 2014 में दुष्यंत हिसार लोकसभा सीट से कुलदीप बिश्नोई को हराकर सबसे युवा सांसद बने।
घोटाले के दाग जेल की यात्रा –
जून 2018 में उनके खिलाफ हरियाणा में 1999 -2000 के दौरान ३,206 जूनियर बेसिक शिक्षकों की अवैध भारती को लेकर आरोप लगाए गए। थे इसके बाद जनवरी 2013 में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें और उनके बेटे अजय सिंह चौटाला को 10 साल की सजा सुनाए इस मामले की जांच। सीबीआई द्वारा की गई थी चौटाला की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी बरकरार रखा था। ओम प्रकाश चौटाला अपने 10 साल की सजा में ले करीब 9:30 साल की सजा काटने के बाद 2 जुलाई 2021 को तिहाड़ जेल से रिहा हुए। सरकार ने कोविद-19 महामारी के बीच जेल की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कैदियों की संख्या में कटौती की थी। इसकी कारण उन्हें भी रिहाई मिल गई थी।