रीडर टाइम्स न्यूज़ डेस्क
लगातार स्क्रीन पर फोकस करने से पलकें झपकने की दर 5% कम हो जाती है एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर इस आदत पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे दीर्घकालिक दृष्टि रोग हो सकता है …

आजकल सभी उम्र वर्ग के लोगों में रियल देखने की लत मिल रही है इस लत को लेकर डॉक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि इससे आंखें खराब हो सकती है इंस्टाग्राम टिकटोक फेसबुक और युटुब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध रील देखने से सभी उम्र के लोगों , खासकर बच्चों और युवाओं में आंखों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
डॉक्टर ने बताया हाल ही में एक कभी कभी छात्र लगातार आंखों में जलन और नजर के धुंधले होने की शिकायत को लेकर परेशान रहते हैं जांच के बाद हमने पाया कि घर पर लंबे समय तक स्क्रीन पर दिल देखने के कारण उसकी आंखें प्राप्त नामी नहीं बना पा रही थी। उसे तुरंत आंखों में ड्रॉप से दी गई और 20-20 नियम का पालन करने की सलाह दी गई यानी हर 20 मिनट में , 20 सेकंड का ब्रेक लेकर 20 फीट दूर किसी चीज को देखना।
युवाओं को भी फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की नीली रोशनी के कारण अक्सर सर दर्द माइग्रेन और नींद संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है कई स्टडी में कहा गया की 2050 तक विश्व की 50% से अधिक जनसंख्या दृष्टि दोष से ग्रस्त होगी यह अंधेपन का सबसे आम कारण है कई शोध में देखा गया है कि छात्र कामकाजी पेशावर लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहते हैं जिससे उनकी आंखों में तनाव बढ़ता जा रहा है और उनकी दृष्टि कमजोर होती जा रही है।
स्क्रीन से आंखों को होने वाले नुकसान से बचने के लिए क्या करें –
अत्यधिक रियल देखने के दुष्य प्रभावों से निपटने के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ 2022 नियम का पालन करने की सलाह देते हैं पलक झपकाने की दर बढ़ाना स्क्रीन देखते समय अधिक बार पलक झपकाने की कोशिश करना स्क्रीन कम से कम समय के लिए देखना और नियमित रूप से स्क्रीन ब्रेक लेना जैसे डिजिटल डिटॉक्स लेना आंखों में स्क्रीन से होने वाले असर को कम कर सकता है।